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पूरे भारत देश में,

उड़े तिरंगा आज ।

तू ही मेरी शान है,

हमको तुम पर नाज ।।

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तीन रंग के मेल से,

झंडा ये लहराय ।

केसरिया सफेद हरा,

बीच में चक्र सुहाय ।।

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रंग केसरिया तुझ से,

मांगे है बलिदान ।

आपस में न तुम उलझो,

श्वेत रंग पहचान ।।

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पर्यावरण साफ रखो,

हरे रंग की बात ।

कहता है चक्र बीच में,

सतत चलो दिन-रात ।।

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छुट्टी का दिन न समझो,

निकलो घर से आज ।

जश्न मना सभी मिल के,

छोड़ सभी तुम काज ।।

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ईद दिवाली से बड़ा,

है यह पर्व महान ।

शहीदों को न भूलना,

उनकी हो गुणगान ।।

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देना न इसको झुकने,

इसकी शान न जाय ।

जो इस पर कुर्बान हो,

वो सपूत कहलाय ।।

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         ✒ विनय कुमार बुद्ध,