🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵

बड़े सुंदर सजे मंदिर, छटा अनुपम सुहानी है ।

खड़े हैं सब लिये थाली, कहाँ दुर्गा भवानी है ।।

🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵

बसी हो तुम हमारे दिल, करूँ मैं प्रार्थना तेरी ।

अइय्यो शेर पे चढ़ के, करो मैय्या नहीं देरी ।।

🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵

करो उद्धार  तुम सबका, भरो तुम आस जन-जन में ।

जिधर मैं देखता हूँ तुम, बसी हो आज कण-कण में ।।

🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵

सभी  विनती  करे  तेरी,  सुनो  दुर्गा  महारानी  ।

करो कल्याण माँ जग का, बड़ी हो तुम दयारानी ।।

🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵

- विनय कुमार बुद्ध