छठ की महिमा का सभी, 

करते हैं गुणगान । 

हाथ जोड़कर सब करो, 

छठ मैय्या का ध्यान ।।


घर आए हैं लौट के, 

जो रहते परदेस ।

मिला जुला परिवार हो, 

बरसे प्यार अशेष।।


नर-नारी धारण किए, 

नूतन सब परिधान ।

हाथ जोड़कर सब करो, 

छठ मैय्या का ध्यान ।।



ठकुआ केला नारियल, 

भरकर लाए सूप ।

फल अरु मेवा भी लिए,

सब अपने अनुरूप ।।


श्रद्धा मन से पूजते,

बनते हैं पकवान ।

हाथ जोड़कर सब करो, 

छठ मैय्या का ध्यान ।।


माथे पर डाला लिए, 

आए हैं सब घाट । 

सूर्यदेव जल्दी उगो, 

सभी जोहते बाट ।।


माता निःसंतान को,

देती है संतान ।

हाथ जोड़कर सब करो, 

छठ मैय्या का ध्यान ।।


पूजा उगते सूर्य की,

करते हैं संसार ।

यहाँ डूबते सूर्य भी,

पूजा के हकदार ।।


सबको देती सीख है,

सबका हो सम्मान।

हाथ जोड़कर सब करो, 

छठ मैय्या का ध्यान ।।

विनय कुमार बुद्ध, 

न्यू बंगाईगांव, असम, फोन: 9435913108.